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हरदान हर्ष की कहानियों में चित्रित मानवीय संवेदनाओं का विशिष्ट अध्ययन

ओम प्रकाश असवाल

शोधार्थी-हिंदी विभाग, निर्वाण विश्वविद्यालय, जयपुर

डॉ.ऋतु शर्मा

सहायक प्राध्यापक-हिंदी विभाग, निर्वाण विश्वविद्यालय, जयपुर

WitWaves Journal of Multidisciplinary Research, Volume 3, Issue 3, 2026, 15c451c8-899c-4546-80b0-1e8fff93d002

https://doi.org/10.64175/wjmr.vol.3.issue3.3

Published: 11 July 2026

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Abstract

हरदान हर्ष की कहानियां संवेदनशील, मार्मिक एवं यथार्थपरक होती हैं जो मन को गहरे तक छू जाती हैं। कहानियों की भाषा शैली, भावों की उत्कृष्टता, घटनाओं के प्रस्तुतीकरण की श्रेष्ठ अभिव्यक्ति कहानियों को हृदयग्राही और मर्मस्पर्शी बनाती हैं। कहानियों की काव्यमय भाषा उन्हें रोचक और पठनीय बनाती हैं। हरदान हर्ष की कहानियों का बंगला, तेलुगू, कन्नड़, उड़िया आदि भाषाओं में अनुवाद हुआ है। आपके कहानी संग्रह आम भारतीय जन के जीवन की कहानी को अनेक आयामों में अभिव्यक्त करते हैं। उन्होंने समकालीन सामाजिक विसंगतियों और मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में रखकर सशक्त कहानियाँ लिखी हैं। उनके प्रमुख कहानी संग्रहों में 'पिघलते हिमखंड' और 'अपने ही खुदा' बहुत लोकप्रिय हुए है।

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