आज के संदर्भ में भारत और अमेरिका के संबंधों का राजनीतिक विश्लेषण
WitWaves Journal of Multidisciplinary Research, Volume 3, Issue 2, 2026, 4e62d3b9-2779-46aa-83f9-c33da3f0fc02
https://doi.org/10.64175/wjmr.vol.3.issue2.9
Published: 23 June 2026
Abstract
लोकतांत्रिक मूल्यों और भू-राजनीतिक हितों पर आधारित एक 'रणनीतिक साझेदारी' हैं। बदलते वैश्विक परिदृश्य में, दोनों देशों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार में सहयोग बढ़ा है, हालांकि अमेरिका और भारत की नीतियों के कारण कुछ व्यापारिक और ऊर्जा संबंधी मतभेद भी बने हुए है। शीत युद्ध के दौरान एक-दूसरे से दूर रहने वाले ये देश अब घनिष्ठ रणनीतिक भागीदार बन चुके हैं। चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए दोनों देश 'क्वाड' (Quad) समूह के प्रमुख सदस्य हैं, जो इस क्षेत्र में स्वतंत्र और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने पर जोर देते हैं। रक्षा समझौते जैसे समझौतों ने दोनों सेनाओं के बीच सैन्य सूचनाओं और उन्नत तकनीक के आदान-प्रदान को आसान बनाया है। द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में अंतरिम पारस्परिक व्यापार समझौते हुए हैं, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ (आयात शुल्क) में कमी की गई है। अमेरिकी कंपनियाँ भारत के डिजिटल और बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश कर रही हैं। 'इनीशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी' (iCET) के तहत सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।
