विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एण्ड आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-GRAM-G) अधिनियम और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का तुलनात्मक अध्ययन
WitWaves Journal of Multidisciplinary Research, Volume 3, Issue 2, 2026, baffb4df-1d3d-41ac-918c-881d362e328a
https://doi.org/10.64175/wjmr.vol.3.issue2.6
Published: 08 June 2026
Abstract
भारत एक ग्रामीण प्रधान देश है, जहाँ करीब 65–70% जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। इसलिए ग्रामीण विकास देश के समग्र आर्थिक एवं सामाजिक विकास का आधार है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण विकास के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएँ संचालित की जाती रही हैं। मनरेगा (MGNREGA) योजना वर्ष 2005 में लागू की गयी, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन का अकुशल रोजगार की गारंटी प्रदान करना, ग्रामीणों को स्थायी आजीविका के स्त्रोत मुहैया कराना, ग्रामीण अधोसंरचना का विकास तथा पंचायत राज व्यवस्था को सुदृढ करना है। भारत सरकार द्वारा 21 दिसंबर 2025 को विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एण्ड आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-GRAM-G) अधिनियम राजपत्र में प्रकाशित किया गया। यह अधिनियम एक समेकित एवं विकास-उन्मुख दृष्टिकोण पर आधारित है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर संपूर्ण विकास, कन्वर्जेंस और जीआईएस आधारित योजना निर्माण को बढ़ावा देता है। साथ ही ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन की गारंटी प्रदान करता है तथा आधुनिक तकनीकी के साथ क्रियान्वयन के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करता है। इस शोध का उद्देश्य इन दोनों अधिनियमों के उद्देश्य, क्रियान्वयन प्रणाली, क्रियान्वयन के प्रभाव व परिणाम एवं मनरेगा अधिनियम व VB-GRAM-G अधिनियम में अंतर का तुलनात्मक अध्ययन करना है।
