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"सागर जिले के सरकारी एवं निजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में ICT उपयोग का तुलनात्मक अध्ययन और उसका शैक्षणिक प्रभाव"

अनामिका पाठक

शोधार्थी (शिक्षाशास्त्र), एकलव्य विश्वविद्यालय, दमोह (मप्र)

प्रो. (डॉ) सुदेश बाला जैन

शोध पर्यवेक्षक, एकलव्य विश्वविद्यालय, दमोह (मप्र)

WitWaves Journal of Multidisciplinary Research, Volume 3, Issue 2, 2026, bdb04e8d-0f0f-4b83-b69d-450a0fb9774b

https://doi.org/10.64175/wjmr.vol.3.issue2.2

Published: 05 April 2026

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Abstract

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) ने शिक्षा जगत को एक नई दिशा प्रदान की है। पारंपरिक शिक्षण विधियों के स्थान पर अब डिजिटल तकनीकों द्वारा शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक और सुलभ बनाया जा रहा है। यह शोध सागर जिले के सरकारी एवं निजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में ICT संसाधनों की उपलब्धता, उनके उपयोग की स्थिति, और इनका छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धि पर पड़ने वाले प्रभाव का तुलनात्मक अध्ययन करने के उद्देश्य से किया गया। शोध में मात्रात्मक पद्धति का उपयोग करते हुए सागर जिले के 10 विद्यालयों (5 सरकारी, 5 निजी) से 200 छात्रों और 20 शिक्षकों का चयन किया गया। डेटा संकलन के लिए प्रश्नावली और शैक्षणिक उपलब्धियों के प्राप्तांक का विश्लेषण किया गया। सांख्यिकीय परीक्षणों में वर्णनात्मक आँकड़े, t-test, Pearson सहसंबंध, ANOVA एवं Chi-square परीक्षण का उपयोग किया गया। परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि निजी विद्यालयों में ICT संसाधनों की उपलब्धता अधिक है, और उनका उपयोग भी अधिक सुनियोजित रूप में हो रहा है, जिसके चलते वहाँ के छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियाँ बेहतर पाई गईं। Pearson सहसंबंध विश्लेषण से ICT उपयोग और शैक्षणिक उपलब्धि के बीच मध्यम से उच्च सकारात्मक संबंध (r = 0.61) प्राप्त हुआ। t-test और ANOVA के माध्यम से सरकारी–निजी तथा शहरी–ग्रामीण विद्यालयों में ICT के प्रभाव के बीच सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर पाया गया। जबकि लिंग के आधार पर ICT उपयोग में कोई विशेष अंतर नहीं देखा गया। अतः निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि ICT का शिक्षण में प्रभावी एकीकरण विद्यार्थियों की उपलब्धि को सुदृढ़ कर सकता है, बशर्ते संसाधनों की समान पहुँच, शिक्षक प्रशिक्षण एवं नीति-समर्थन सुनिश्चित किया जाए।

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